Memory In Hindi | Computer memory in Hindi

Memory In Hindi | memories meaning in Hindi

आर्टिकल “Memory In Hindi” में हम memory kya hai, computer में मेमोरी का use etc के बारे में चर्चा करेंगे।  प्रत्येक डिजिटल प्रोसैसिंग प्रणाली में डिजिटल सूचनाएँ स्टोर करने के लिए किसी युक्ति का होना आवश्यक है। सूचनाएं प्रायः instruction, डाटा अथवा परिणाम(results) के रूप में होती हैं जो कि बाइनरी रूप में कोड की गयी होती हैं। डिजिटल अथवा माइक्रोकम्प्यूटर प्रणाली का वह भाग जो कि डाटा स्टोर करने की सुविधा प्रदान करता है, मैमोरी (Memory) कहलाता है । कुछ समय पूर्व तक मैमोरी अधिकतर चुम्बकीय प्रकार की (magnetic type) होती थी परन्तु अर्धचालक तकनीक के अप्रत्याशित विकास से विभिन्न प्रकार की एवं विभिन्न आकार की मैमोरी बनाना सम्भव हो गया है। अर्धचालक मैमोरी आकार में छोटी, मूल्य में कम, तीव्र गति (high speed), उच्च विश्वसनीयता (high reliability) की होती है। आवश्यकतानुसार इनका आकार (size) बढ़ाया जा सकता है। Click here to read this article in English

माइक्रोप्रोसैसर में मैमोरी के उपयोग | Memories used in Microprocessors in Hindi

माइक्रोप्रोसैसर प्रणालियों में अर्धचालक मैमोरी का प्रयोग सूचना (data or information) स्टोर करने के लिए किया जाता है। सामान्यतः माइक्रोप्रोसैसर/माइक्रोकम्प्यूटर प्रणालियों में निम्नलिखित स्तरों पर मैमोरी प्रयोग की जाती है-

  • 1. रजिस्टर्स (Registers)
  • 2. तीव्र गति की प्राइम मैमोरी (Faster Prime Memory)
  • 3. धीमी गति वाली प्राइम मैमोरी (Slower Prime Memory)
  • 4. मास स्टोरेज मैमोरी (Mass Storage Memory-Hard-disc)
  • 5. ऑफ-लाइन बैक-अप स्टोरेज (Backup Storage)

ऑपरेशन की गति (speed of operation) की दृष्टि से सबसे ऊपर लिखी गयी मैमोरी,उसके नीचे अंकित मैमोरी की तुलना में तीव्र (faster) होती है। उदाहरणतः एक तीव्र (flast) प्राइमरी मैमोरी से सूचना का एक वर्ड पढ़ने में 100 ns (nanosecond) लगते हैं जबकि हार्ड डिस्क (mass storage) से एक वर्ड पढ़ने में 10 ms (millisecond) लगते हैं।

यद्यपि यहाँ पर मैमोरी के 5 स्तर दिये गये हैं परन्तु अनेक प्रणालियों में केवल तीन ही हो सकते हैं: (1) रजिस्टर्स, (2) प्राइमरी मैमोरी तथा (3) मास स्टोरेज ।

रजिस्टर्स | Registers in Hindi

राजस्टर्स, सी० पी० यू० (CPU) में अन्दर ही स्थित होते हैं। प्रत्येक माइक्रोप्रोसैसर में रजिस्टरों की संख्या तथा उनकी प्रकृति (type and numbers) अलग-अलग होती है, परन उनमें स्टोर की जाने वाली सूचनाओं की मात्रा सीमित (limited) होती है। यह कुछ सैकड़ों से कुछ हजार बिट्स (few hundred to few thousand bits) तक होती है।

प्राइमरी मैमोरी | Primary Memory in Hindi

माइक्रोप्रोसैसर चिप पर रजिस्टरों (registers) को स्पेस (space) की आवश्यकत होती है, अतः चिप पर रजिस्टरों की एक सीमित संख्या ही उपलब्ध करायी जा सकती है सामान्यतः अधिकांश सिस्टमों में यह संख्या आवश्यकता से कम ही रहती है। अतः प्रोग्राम तथा डाटा स्टोर करने के लिए प्राइमरी स्तर की मैमोरी प्रयोग की जाती है। प्राइमरी मैमोरी भी अनेक चिप्स होती हैं। प्राइमरी मैमोरी का सम्पूर्ण आकार छोटे सिस्टम में कुछ किलोबाइ तथा बड़े सिस्टम में मैगाबाइट्स (several megabytes) तक होता है।

कुछ माइक्रोप्रोसैसर प्रणालियों में प्राइमरी मैमोरी की अतिरिक्त व्यवस्था (additional) arrangement) होती है। इसमें बड़े आकार की मैमोरी होती है, यद्यपि इसकी गति धीम होती है। सामान्यतः यह अतिरिक्त मैमोरी सुपर कम्प्यूटर्स, उदाहरणत: Cray X/MP श्रेणी की मशीनों में पायी जाती है।

स्टोरेज मैमोरी | Storage Memory in Hindi

अधिकांश प्रणालियों में, अनेक प्रोग्राम तथा डाटा, सिस्टम में स्टोर (resident) होता है जिससे उसे आवश्यकता होने पर तुरन्त प्राइमरी मैमोरी में एक्जीक्यूशन के लिए लोड किया जा सके। ऐसे प्रोग्रामों में कम्पाइलर्स, एसैम्बलर्स, टैक्स्ट एडीटर तथा अन्य उपयोगी प्रोग्राम जैसे किसी कम्पनी का वेतन विवरण (pay roll data) इत्यादि हैं। इस प्रकार के प्रोग्रामों के मैमोरी के काफी मेगाबाइट्स की आवश्यकता है। इसके साथ ही यह आवश्यक नहीं है कि या प्रोग्राम तथा डाटा जल्दी-जल्दी प्रयोग न किया जाये। अतः इस प्रकार की सूचना को स्टो करने के लिए एक या अधिक स्टोरेज डिवाइस प्रयोग की जाती हैं। उदाहरणतः हार्ड डिस्क (Hard disc), फ्लॉपी डिस्क, तथा ऑप्टिकल डिस्क इत्यादि । किसी प्रणाली में स्टोरेज मैमोरी में मैमोरी की संख्या कुछ मेगाबाइट्स से अनेक गीगाबाइट्स (few magabytes to several giegabytes) तक हो सकती है। इस प्रकार की स्टोरज मैमोरी को ऑन-लाइन स्टोरेज (on-line storage) कहते हैं, क्योंकि इनमें स्टोर की गई समस्त सूचना तक पहुँचा (access) जा सकता है यद्यपि उसकी एक्सेस (access) धीमी गति से होती है।

कैशी मैमोरी | Cache Memory in Hindi

कुछ प्रणालियों में सम्भव है कि प्राइमरी मैमोरी, CPU के प्रचालन गति से काफी slow हो। इस अवस्था में CPU को प्राइमरी मैमोरी द्वारा डाटा भेजने अथवा प्राप्त करने के समय प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जिससे CPU की दक्षता घटती है। सी० पी० यू० को घटी हुई गति पर प्रचालित करने से बचाने के लिए कैशी (cache) मैमोरी का प्रयोग करते हैं। कैशी प्राइमरी मेमोरी की भाँति ही होती है परन्तु गति में प्राइमरी से कुछ तीव्र (faster) होती है। मैमोरी में तीव्र गति की चिप्स होती हैं। इनका मूल्य भी अधिक होता है। कैशी मैमोरी का आकार कुछ किलोबाइट्स में होता है। मोटरोला 68030 में कैशी उसके एक सी० पी० यू० पर ही स्थित होती है। कुछ प्रणालियों में यह माइक्रोप्रोसैसर एवं प्राइमरी मैमोरी के साथ एक हो बोर्ड पर स्थित की जाती है।

ऑफ-लाइन बैक-अप स्टोरेज | Off line Backup Storage in Hindi

किसी भी प्रणाली पर कार्य करते समय यह अवस्था भी आ सकती है कि सिस्टम में उपलब्ध समस्त स्टोरेज मैमोरी का हम प्रयोग कर लें तथा हमारे पास किसी भी मैमोरी में स्पेस शेष न रहे। ऐसी अवस्था में आप क्या करेंगे? इसके अनेक उपाय हैं। सबसे सरल विधि यह है कि हम और स्टोरेज मैमोरी की व्यवस्था करें। परन्तु इसके समाप्त होने के पश्चात् पुनः वही स्थिति होगी। अतः इस प्रकार की ऑन-लाइन स्टोरेज की एक सीमा है जो कि प्रोग्रामर की आर्थिक अवस्था पर निर्भर करती है।

इसका एक अन्य उपाय यह है कि हम सिस्टम में ऐसी स्टोरेज डिवाइस प्रयोग करें जिसे हटाया जा सके, उदाहरणतः हटाई जा सकने वाली (removable) हार्ड डिस्क अथवा टेप ड्राइव। ऐसी व्यवस्था होने पर एक निश्चित समय अन्तराल पर बैक-अप ऑपरेशन किया जा सकता है। बैक-अप ऑपरेशन में ऐसे डाटा तथा प्रोग्राम को हटा दिया जाता है जिनका सामान्यतः कम प्रयोग किया जाता है तथा उन्हें बैक-अप टेप अथवा हार्ड डिस्क कारट्रिज पर “सेव” (save) किया जा सकता है एवं उन्हें आवश्यकता होने पर प्रयोग के लिए लाइब्रेरी में सुरक्षित रखा जा सकता है। इस प्रकार की स्टोरेज ऑफ-लाइन बैक-अप स्टोरेज कहलाती है। इसे ऑफ-लाइन स्टोरेज इस कारण से कहा जाता है क्योंकि माइक्रोप्रोसैसर, अन्य प्राइमरी एवं ऑन-लाइन मैमोरी की भाँति इन पर नहीं पहुँच सकता।

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