Bimetallic thermometer in hindi | बाईमेटेलिक थर्मामीटर

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खाद्य, कागज, दवा, रसायन, पेट्रोकेमिकल, उर्वरक, बिजली संयंत्र, पेंट उद्योग, रबर, प्लास्टिक और अन्य क्षेत्रों सहित उद्योगों द्वारा अपने कार्यस्थलों में तापमान को मापने के लिए विभिन्न sensing devices का उपयोग किया जाता है। तापमान मापने के लिए हम थर्मामीटर का उपयोग करते हैं। थर्मामीटरअक्सर व्यापार और उद्योग में उपयोग किए जाते हैं क्योंकि वे हर जगह उपलब्ध हैं और उचित मूल्य में मिल जाते हैं। थर्मामीटर एक यांत्रिक उपकरण है जो तापमान वृद्धि को मापने और निगरानी करने के लिए विभिन्न अनुप्रयोगों में एक अलग सिद्धांत का उपयोग करता है। उपरोक्त क्षेत्रों में, तापमान एक महत्वपूर्ण कारक है क्योंकि तापमान कमोबेश सीधे उत्पाद को प्रभावित करता है। इसलिए, आज के लेख में समझेंगे कि एक द्विधात्वीय थर्मामीटर(bimetallic thermometer in hindi) क्या है, इसे कैसे बनाया जाता है, यह कैसे संचालित होता है, इसके प्रकार क्या हैं, आदि।

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द्विधातु थर्मामीटर क्या है ? | What is bimetallic thermometer in hindi ?

bimetallic thermometer एक उपकरण है जो दो अलग-अलग metal strips का उपयोग करके तापमान परिवर्तन को mechanical displacement में बदल देता है। स्टील, तांबा और पीतल ऐसी धातुएँ हैं जिनका उपयोग bimetallic thermometer बनाने के लिए किया जाता है। गर्म होने पर, ये स्ट्रिप्स, जो एक साथ जुडी होती हैं, विभिन्न गति से expand होती हैं।

तापमान परिवर्तन के परिणामस्वरूप metal strips अलग-अलग(कम या ज्यादा) expand होती हैं, इसलिए bimetallic thermometer इसी  कार्यात्मक सिद्धांत पर आधारित होते हैं। various heat expansion coefficients वाली दो अलग-अलग metal strips एक bimetallic thermometer बनाती हैं।

द्विधातु थर्मामीटर का कार्य सिद्धांत | Working principle of bimetallic thermometer in hindi:

bimetallic thermometer का कार्य सिद्धांत दो प्रमुख तथ्यों पर आधारित है:

१.तापमान में बदलाव के साथ, सभी धातुएं या तो फैलती(expand) हैं या सिकुड़ती(shrink) हैं।
२.चूंकि सभी धातुओं में same temperature coefficients of expansion  नहीं होता है, इसलिए उनके विस्तार या संकुचन की दर(rates of expansion or contraction) अलग-अलग होती है। different rates of thermal expansion की properties का उपयोग करके तापमान परिवर्तन के proportional, deflections बनाना संभव है।
एक bimetallic thermometer एक bimetallic strip से बना होता है जो दो अलग-अलग धातुओं की दो पतली पट्टियों को जोड़कर बनाया जाता है ताकि वे एक दूसरे के साथ में स्थिर(immobile) हों। बाईमेटेलिक स्ट्रिप्स को कई अलग-अलग तरीकों से व्यवस्थित किया जा सकता है, जिसमें flat, spiral, single-helix, and multiple-helix व्यवस्था शामिल हैं। जैसे-जैसे इस पर लगाया जा रहा तापमान बढ़ता है, bimetallic strip का मुक्त(free end) सिरा विक्षेपित(deflect) होगा। प्रत्येक धातु के unique coefficient of thermal expansion के कारण mechanical displacement की लंबाई अलग-अलग होगी। तापमान बढ़ने पर एक bimetallic strip अपने free end पर low coefficient of thermal expansion वाली strip की ओर की दिशा में bend हो जाती है  क्योंकि strip का एक सिरा fix होता  है। तापमान गिरने पर यह प्रक्रिया उलट जाती है अर्थात bimetallic strip अपनी ओरिजिनल position पर आने लगती है । free end पर deflection दो मानों के सीधे समानुपाती होता है,

१. Square of a metal strip’s length और,
२. Temperature change
एक bimetallic strip in the shape of a straight cantilever beam चित्र “a” में दिखाई गई है। तापमान में बदलाव के कारण free end deflect हो जाता है जबकि एक छोर fix होता है जिसे चित्र “b” में दिखाया गया है।

bimetallic thermometer
“a”
bimetallic thermometer
“b”

द्विधातु थर्मामीटर का निर्माण | construction of Bimetallic thermometer in hindi :

इस थर्मामीटर को बनाने के लिए bimetallic strip का उपयोग किया जाता है। bimetallic strip विभिन्न temperature coefficients of expansion के development के अनुसार deflect होती है। जैसा कि पहले ही कहा गया है, यह एक mechanical device है जिसका उपयोग mechanical action द्वारा इलेक्ट्रॉनिक आउटपुट प्रदान करने के लिए स्विचिंग प्रक्रियाओं को सक्षम करने के लिए किया जा सकता है।

ये two metal strips वेल्डिंग, बोल्टिंग, रिवेटिंग और फास्टनिंग सहित विभिन्न तकनीकों का उपयोग करके एक दुसरे से  जुड़े होते  हैं। इस metal strips को स्टील, तांबा, पीतल आदि से बनाया जा सकता है।

bimetallic thermometer के तापमान Sensing Element की प्रतिक्रिया को प्रभावित करने वाले कारक | Factors that affects the Response of the Bimetallic Thermometer’s Temperature Sensing Element in hindi :

हीट ट्रांसफर गुणांक मान(Heat transfer coefficient values)।
Temperature Sensing Element की  कम या उच्च thermal conductivity
तापमान परिवर्तन के कारण physical dimensions में परिवर्तन से measuring devices की accuracy नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकती है।
तापमान संवेदन घटक के प्रति द्रव्यमान सतह क्षेत्र(Surface area per mass of the temperature sensing component)

बाईमेटेलिक थर्मामीटर की तापमान सीमा | Bimetallic thermometer temperature range:

बाईमेटेलिक थर्मामीटर का उपयोग 30 डिग्री सेल्सियस से 550 डिग्री सेल्सियस के तापमान रेंज को मापने के लिए किया जाता है।

बाईमेटेलिक थर्मामीटर के प्रकार | Types of Bimetallic Thermometer in hindi:

१.Helical or Helix Type Bimetallic Thermometer (पेचदार या हेलिक्स बाईमेटेलिक थर्मामीटर)

२.Spiral Strip Type Bimetallic Thermometer (सर्पिल पट्टी बाईमेटेलिक थर्मामीटर)

हेलिकल बाईमेटेलिक थर्मामीटर | Helical Bimetallic Thermometer | Helix Bimetallic Thermometer | Helix Thermometer:

कई उद्योगों में Helical or Helix Type Bimetallic Thermometer का उपयोग किया जाता है। जहां विशेष परिस्थितियों में pointer को bimetallic coil से अलग करना आवश्यक हो जाता है वंहा Helical or Helix Type Bimetallic Thermometer बहुत उपयोगी होते हैं । इसमें temperature measurement sensor को पाइप के अंदर रख कर तापमान को पाइप के बाहर दिखाना संभव हो जाता है।

ऊपर दी गई छवि हेलिक्स के आकार के Bimetallic Thermometer को प्रदर्शित करती है जो किसी एक metal strip के चारों ओर एक दुसरे metal की एक strip को winding करके बनाए जाते हैं। हेलिक्स एक छोर पर बल्ब के case से और दूसरे छोर पर पॉइंटर से जुड़ा होता है। धातुओं के थर्मल विस्तार की विभिन्न दरों(different rates of thermal expansion of the metals) के कारण गर्म होने पर द्विधात्वीय हेलिक्स unwinds होने लगता है। नतीजतन, तापमान रीडिंग प्रदर्शित करने के लिए पॉइंटर एक गोलाकार पैमाने पर ग्लाइड या स्वीप करता है।

Helical bimetallic thermometer की तापमान सीमा | Helical bimetallic thermometer temperature range in hindi:

इसका उपयोग 30°C से 300°C तक के तापमान को मापने के लिए किया जा सकता है।

Helical bimetallic thermometer के  अनुप्रयोग | Application of Helical Bimetallic thermometers in hindi:

Helical bimetallic thermometer के निम्नलिखित उपयोग हैं-

उद्योगों में तापमान मापने के लिए उपयोग करना।

हेलिकल बाईमेटेलिक थर्मामीटर अन्य स्थानों के अलावा रिफाइनरियों, गर्म टैंकों और वॉटर हीटरों में उपयोग किये जाते हैं।

इन थर्मामीटरों का उपयोग घरों और व्यवसायों में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न उत्पादों में किया जाता है, जिनमें एयर कंडीशनर, ओवन, हीटिंग वायर, रिफाइनरी, टैम्परिंग टैंक, हीटर आदि शामिल हैं।

सर्पिल द्विधात्वीय थर्मामीटर | Spiral Strip Type Bimetallic Thermometer in hindi:

एक spiral bimetallic thermometer को नीचे चित्र में दर्शाया गया है। इस थर्मामीटर में, एक pointer (with scale ) को spiral bimetallic strip से जोड़ा जाता है। गर्म होने पर, spiral bimetallic strip clockwise direction में घूमता है और low thermal coefficient of expansion वाले धातु की दिशा में bends हो जाता है। नतीजतन, associated pointer तापमान प्रदर्शित करने के लिए एक कैलिब्रेटेड पैमाने पर move करता है।

Helical bimetallic thermometer की  तापमान सीमा | Spiral bimetallic thermometer temperature range:

इसका उपयोग 30°C से 550°C तक के तापमान  को मापने के लिए किया जा सकता है।

Helical bimetallic thermometer के अनुप्रयोग | Applications of Spiral Bimetallic Thermometer in hindi :

सर्पिल बाईमेटेलिक थर्मामीटर के अनुप्रयोग निम्नलिखित हैं।

घरों और कार्यस्थलों में आसपास की हवा (परिवेश की हवा ) के तापमान को मापने के लिए।
commerce and industrial अनुप्रयोगों के लिए।

पेचदार द्विधातु थर्मामीटर और सर्पिल द्विधातु थर्मामीटर का लाभ | Advantage of Helical Bimetallic thermometers and Spiral Bimetallic thermometers in hindi :

हेलिकल बायमेटेलिक थर्मामीटर और स्पाइरल बाईमेटेलिक थर्मामीटर के सादे थर्मामीटर पर निम्नलिखित फायदे हैं जो उन्हें औद्योगिक अनुप्रयोगों में उपयोग के लिए उपयुक्त बनाते हैं:

  1. सूचक अधिक विक्षेपित करता है(The pointer deflects more)।
  2. उच्च संवेदनशीलता (High sensitivity)
  3. सादे Bimetallic thermometers में उपयोग की गई bimetallic strip की लंबाई कम होने के कारण,  pointer का deflection बहुत कम और सीमित होता है। क्योकि मfree end का deflection metal strips की लंबाई के वर्ग के ठीक समानुपाती होता है। अधिक deflection और उच्च तापमान को मापने के लिए bimetallic strip की लंबाई का काफी विस्तार किया जाना चाहिए। ज्यादा लंबा साधारण बाईमेटेलिक थर्मामीटर अधिक जगह लेगा और उपयोग करने के लिए अव्यावहारिक होगा। हेलिक्स या सर्पिल प्रकार के द्विधातु थर्मामीटर इस चुनौती को हल करने में सक्षम हैं।
  4. Sensitivity बढ़ाने के लिए metal strips की लंबाई बढ़ाई जा सकती है। उपकरण को छोटा और अधिक पोर्टेबल बनाने के लिए, यदि आवश्यक metal strips की लंबाई बहुत लंबी है, तो इसे एक सर्पिल या हेलिक्स में मोड़ा जा सकता है। इस configuration के कारण, एक बहुत लंबी पट्टी बहुत छोटे क्षेत्र में फिट हो सकती है।

बाईमेटेलिक थर्मामीटर के लाभ | Advantages of Bimetallic Thermometers in hindi :-

बाईमेटेलिक थर्मामीटर के लाभ नीचे दिए गए हैं-

  1. कम कीमत।
  2. installation and रख रखाव के लिए सरल।
  3. +/- 0.5% तक उत्कृष्ट precision।
  4. विस्तृत तापमान रेंज(Wide temperatures range)।
  5. उस तापमान से 1.5 गुना अधिक है तापमान पर भी काम करने में उपयुक्त जिसके लिए  इसे डिजाइन किया जाता है ।
  6. तोड़ना मुश्किल(Tough to break)।
  7. सरल और आकार में छोटा।
  8. मजबूत निर्माण(Strong construction)

बाईमेटेलिक थर्मामीटर के अनुप्रयोग | Applications of Bimetallic Thermometers in hindi :

बाईमेटेलिक थर्मामीटर के मुख्य अनुप्रयोग हैं:

  1. थर्मोस्टैट्स में जो चालू या बंद प्रकार के होते हैं
  2. तापमान को नियंत्रित करने वाले सिस्टम में।
  3. रेफ्रिजरेटर, इलेक्ट्रिक आयरन और ओवन जैसे घरेलू उपकरणों के लिए नियंत्रण स्विच में।
  4. औद्योगिक रिफाइनरियों में जहां तेल बर्नर आदि का उपयोग किया जाता है।
  5. lamp flashes में।
  6. time delay Circuits में ।

बाईमेटेलिक थर्मामीटर कैसे चुनें? | How to select a Bimetallic Thermometer in hindi

द्विधातु थर्मामीटर का चयन करते समय, निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें।

  1. कनेक्शन की प्रकृति(nature of the connection)
  2. तापमान की रेंज।
  3. डायल या केस का आकार।
  4. स्टेम या केशिका लंबाई(Stem or capillary length)।

थर्मामीटर अनुचित अनुप्रयोग से ख़राब हो सकता है। ऐसा करने के  परिणामस्वरूप व्यक्तिगत नुकसान और संपत्ति का नुकसान दोनों हो सकता है। थर्मामीटर स्थापित करते समय, उसके आस-पास के क्षेत्र पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सब चीजें उस थर्मामीटर को प्रभावित करती है। तापमान की measuring करते समय  Potential, conduction, radiation, noise, response time, and grounding समस्याएं जैसे कुछ अलग-अलग दोष हो सकते हैं। इसीलिए थर्मामीटर स्थापित करते समय, उसके आस-पास के क्षेत्र पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।